Friday, July 30, 2021
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रामपुर मनिहारान-चेयरमैन और सभासद बनने के संभावित प्रत्याशियों ने सियासी गोटियां फिट करनी कर दी आरंभ

सभासद बता रहे हैं उपलब्धियां और नए चेहरे लोगों से संपर्क साधने में जुटे

रामपुर मनिहारान (शिब्ली रामपुरी) निकाय चुनाव में अभी काफी समय है लेकिन 2022 में विधानसभा चुनाव के अलावा निकाय चुनाव भी होना है और इसके चलते अभी से संभावित उम्मीदवारों ने अपनी राजनीतिक गोटियां फिट करनी शुरू कर दी हैं.जो वर्तमान समय में सभासद हैं वह जहां अपनी उपलब्धियों का बखान अपने अपने वार्ड में कर रहे हैं तो वहीं जो लोग इस बार चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं वह लोगों से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं. वर्तमान समय में नगर पंचायत की अध्यक्ष शकुंतला देवी हैं और बोर्ड में 15 सभासद हैं.लेकिन माना जा रहा है कि आगामी निकाय चुनाव में वार्डों की संख्या में इजाफा हो सकता है. संभावित उम्मीदवार अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं जो लोग सभासद हैं वह अपने अपने वार्ड में कराए गए विकास कार्यों का जनता के सामने बखान कर रहे हैं और लोगों को बता रहे हैं कि किस तरह से उन्होंने अपने वार्ड में विकास कार्य कराए हैं तो वही जो लोग सभासद के चुनाव में उतरने का मन बना चुके हैं वह लोगों से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं और कई लोग तो कहते नजर आते हैं कि भाई इस बार चुनाव में ध्यान रखना मैं खड़ा हो रहा हूं.यह किसी एक वार्ड की बात नहीं है बल्कि सभी वार्डों में यही स्थिति है कि जहां पर सभासद अपने-अपने क्षेत्र में घूमकर लोगों से मिल रहे और बता रहे हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान वार्ड में किस तरह से विकास कार्यो की गंगा बहाई है और यदि उनको फिर मौका मिला तो वह आगे भी कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे. यहां यह बात भी काबिले गौर है कि कुछ सभासदों की स्थिति तो अपने अपने क्षेत्र में काफी मजबूत है लेकिन कुछ सभासदों का कम या ज़्यादा तौर पर विरोध भी है ऐसे में जो नए चेहरे हैं जो चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं वह इस विरोध का लाभ उठाने की तैयारी में हैं और लोगों को बता रहे हैं कि अगर उनको मौका मिला तो वह किस तरह से अपने वार्ड में एक से बढ़कर एक विकास कार्य कराएंगे और जनता को किसी भी तरह की शिकायत का मौका नहीं देंगे. जहां तक नगर पंचायत अध्यक्ष पद की बात है तो यह सीट आरक्षित रहती है या अनारक्षित इसके बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन कुछ ऐसे चेहरे हैं जो लगातार जनता के बीच में अपनी मौजूदगी बड़े गर्मजोशी के साथ दर्ज करा रहे हैं और वह लोगों को बता रहे हैं कि वह चुनावी मैदान में उतरेंगे तो वोट उनको ही देना क्योंकि वह जनता के सुख दुख में साथ रहे हैं और यह सिलसिला हमेशा इसी तरह से जारी रहेगा. पिछले साल जब कोरोना की पहली लहर आई थी उस दौरान भी काफी लोगों ने अपने वार्ड में मेहनत की थी और लोगों तक भोजन आदि पहुंचा कर उनकी सहायता की थी और कुछ ऐसे लोग जो जो चेयरमैन पद का चुनाव लड़ने के ख्वाहिशमंद हैं उन्होंने भी यह संदेश देने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी कि वह भी गरीब जनता के साथ हैं और उन लोगों ने भी गरीबों की काफी मदद की थी. इस बार भी ऐसे लोगों ने जनता से संपर्क साधने की कोशिश की और जहां तक हो सका गरीब लोगों की मदद की. चेयरमैनी का चुनाव लड़ने वाले लोगों की यदि बात की जाए तो अभी दर्जन भर से अधिक संभावित उम्मीदवार हैं जो चुनावी मैदान में उतरने की ख्वाहिश का इजहार कर चुके हैं और कुछ अंदरूनी तौर से तैयारी भी कर रहे हैं. इनमें कुछ लोगों ने तो स्पष्ट रूप से अपनी ख्वाहिश का इजहार कर दिया है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं कि जो पार्टी से टिकट मिलने की आस लगाए हुए हैं और इसके लिए वह दौड़ भाग भी आरंभ कर चुके हैं. दूसरी और नगर की जनता भी इस बात की चर्च करती नजर आती है कि भाजपा से चेयरमैनी में किस को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा और काजी परिवार का आशीर्वाद किस उम्मीदवार को मिलेगा. कांग्रेस से टिकट पाने वालों में भी कई चेहरे प्रमुखता से शामिल है तो भाजपा की ओर से किसे चुनावी मैदान में उतारा जाता है इसको लेकर अभी भी संशय बरकरार है. लेकिन संभावित उम्मीदवार अपनी दौड़ भाग में कोई कमी नहीं रख रहे हैं और वो टिकट के लिए एड़ी चोटी का जोर अभी से लगा रहे हैं. अब यह तो समय बताएगा कि चुनावी मैदान में कौन उतरता है. लेकिन फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि संभावित उम्मीदवार अपने लिए सियासी जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं.

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