Friday, July 30, 2021
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राजनीतिक ज़मीन मज़बूत करने में जुटे लीडर-यूपी में चुनाव क़रीब आते ही सियासी बयानबाज़ी ने पकड़ा ज़ोर

  (शिब्ली रामपुरी) 

जैसे-जैसे यूपी में विधानसभा चुनाव का वक़्त करीब आ रहा है वैसे-वैसे एक से बढ़कर एक बयानबाजी भी सुनने को मिल रही है. एमआईएम अध्यक्ष ओवैसी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को चैलेंज देते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में वह योगी को मुख्यमंत्री नहीं बनने देंगे जिस पर योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया कि वो ओवैसी का चैलेंज स्वीकार करते हैं इतना ही नहीं योगी आदित्यनाथ ने ओवैसी को बड़ा नेता बताते हुए कहा कि असदुद्दीन ओवैसी बड़े नेता हैं.वह एक समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके वोट उनको मिलते रहे हैं हम उनका यह चैलेंज स्वीकार करते हैं और 2022 में भी भाजपा शानदार तरीके से सफलता हासिल करेगी. ओवैसी और योगी आदित्यनाथ की आपसी खींचतान की सियासत चल ही रही थी कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बयान देकर राजनीतिक हलकों में और गर्मी पैदा कर दी.उन्होंने बयान में मुस्लिम समाज की तारीफ की और उन्हें भारत का अटूट हिस्सा बताया और यहां तक कहा कि जो मॉब लिंचिंग करते हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. इस बयान के बाद से सियासत काफी गरमा गई और एमआईएम चीफ़ ओवैसी से लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस चीफ भागवत के बयान पर जबरदस्त कटाक्ष किया और बसपा सुप्रीमो मायावती भी पीछे नहीं रहीं.उन्होंने भी इस मामले में भागवत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि भागवत का बयान मुंह में राम और बगल में छुरी जैसा है. ओवैसी ने जो चैलेंज योगी आदित्यनाथ को दिया वह कोई नई बात नहीं लेकिन जिस तरह से योगी आदित्यनाथ ने ओवैसी को बड़ा नेता बताया वह बात बहुत से नेताओं को हजम नहीं हुई और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने तो यहां तक कहा कि लोग दूध पीते बच्चे नहीं हैं जो योगी और ओवैसी की सियासत को ना समझे कि योगी ने उन्हें बड़ा नेता क्यों बताया है. आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय आजाद सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी में कई दल मजबूत स्थिति में है जिसमें समाजवादी पार्टी से लेकर कांग्रेस बसपा और आम आदमी पार्टी तक है लेकिन योगी आदित्यनाथ ने कभी इनके चैलेंज को स्वीकार नहीं किया जबकि हर अपोजिशन पार्टी भाजपा को हराने की बात करती है. लेकिन योगी आदित्यनाथ ने कभी उनके चैलेंज को स्वीकार नहीं किया और उन्होंने उस नेता के चैलेंज को स्वीकार किया और उसे बड़ा नेता भी बताया कि जिसका यूपी में अभी कुछ भी नहीं है. उन्होंने कहा कि इससे जाहिर हो चुका है कि ओवैसी और योगी आदित्यनाथ में मिलकर सियासी खेल खेला जा रहा है.

जहां तक मोहन भागवत के बयान की बात है तो उस बयान का मुस्लिम समुदाय में काफी स्वागत हुआ है लेकिन यह सवाल भी खड़ा किया जा रहा है कि यदि भागवत यानी आरएसएस को मुसलमानों से इतना ही लगाव है तो फिर वह सिर्फ बयानबाजी क्यों करते हैं क्यों बयान पर अमल नहीं हो पाता. कई उलेमा ने भी आरएसएस चीफ़ भागवत के बयान पर खुशी का इजहार तो किया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उनके बयान पर अमल किया जाना चाहिए. भागवत के बयान पर भाजपा के सीनियर नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए उनके बयान को सराहनीय और काबिले तारीफ बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा बयान है कि जो गुमराही गैंग की पोल खोलता है और उनके चेहरे से नकाब हटाता है.उन्होंने एमआईएम के ओवैसी और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर जबरदस्त कटाक्ष करते हुए कहा कि अब इन जैसे नेताओं की पोल खुल चुकी है क्योंकि मोहन भागवत ने जो बयान दिया है वह संघ और मुसलमानों के बीच बनी दूरी को कम करने वाला है और आगामी दिनों में इसके काफी अच्छे नतीजे भी देखने को जरूर मिलेंगे. दूसरी और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने गाजियाबाद में एक प्रोग्राम में अपने विचार व्यक्त करते हुए ओवैसी को गली का नेता बताया और कहा कि ओवैसी गली के नेता है.इससे पहले शाहनवाज हुसैन ने कहा था कि ओवेसी वही ट्वीट करते हैं जो राहुल गांधी करते हैं. यूपी के चुनाव में भले ही अभी काफी समय बाकी हो लेकिन सियासी सरगर्मियां पूरी तरह से अपने चरम पर पहुंचने को तैयार हैं और एक के बाद एक नेता बयान देकर यूपी में सियासी जमीन मजबूत करने के प्रयास में जुटे हुए हैं. यूपी में जनता की निगाहें इस बात पर भी टिकी हुई है कि यहां पर किसका गठबंधन किससे होता है. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव छोटे-छोटे दलों से गठबंधन करने में जुटे हुए हैं और उन्होंने साफ कर दिया था कि कांग्रेस और बसपा को छोड़कर वह सभी से हाथ मिलाने को तैयार हैं तो अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके साथ कौन-कौन पार्टियां आती हैं. वैसे अभी हाल ही में आप नेता संजय सिंह ने अखिलेश यादव से मुलाकात की थी जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि समाजवादी पार्टी के गठबंधन में आम आदमी पार्टी भी शामिल होने जा रही है.

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